स्थगित – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Mon, 06 Feb 2023 07:25:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 दिल्ली के मेयर का चुनाव आज भी नहीं हो सका, हंगामे के बाद सदन अनिश्चिकाल के लिए स्थगित https://samacharpacheesa.com/?p=6123 Mon, 06 Feb 2023 07:25:58 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6123 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में नगर निगम चुनाव नतीजों के बाद सोमवार को तीसरी बार मेयर चुनाव का आयोजन किया गया है। इसमें बीजेपी और आम आदमी पार्टी के सभी पार्षद मौजूद है। पिछली दो बैठकों के हंगामे के बाद आज उम्मीद जताई जा रही थी कि दिल्ली नगर निगम में मेयर के चुनाव से पहले ही सदन में पार्षदों ने जबरदस्त हंगामा कर दिया, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी सत्य शर्मा ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है।
मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर साधा निशाना
इससे पहले दो बार मेयर चुनाव में पार्षदों के हंगामे के बाद पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही को स्थागित कर दिया था। इसके कारण मेयर चुनाव अभी तक नहीं पाया है। ऐसे में सोमवार को तीसरी बार सदन में बैठक बुलाई गई है लेकिन कार्यवाही शुरू होने से पहले ही दोनों पार्टियों के बीच एक बार फिर से बयानबाजी शुरू हो गई है।
आप के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को ट्वीट करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगया है। उन्होंने कहा, बीजेपी ने अपने पार्षदों को आज फिर से एमसीडी बैठक में मेयर चुनाव न होने के लिए निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री सिसोदिया का कहना है कि बीजेपी अपने पार्षदों से कह चुकी है कि सदन शुरू होते ही किसी बहाने से हंगामा कर देना, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी पिछली बार की तरह फिर अनिश्चितकाल के लिए सदन स्थगित कर देंगी। सदन के स्थगित होने के बाद एक बार दिल्ली के उपराज्यपाल 20 दिन बाद की तारीख देंगे।
आप के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार
उपराज्यपाल मनीष सिसोदिया के आरोपों पर बीजेपी ने तीखी टिप्पणी की है। बीजेपी के कार्यकारिणी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने ट्वीट कर लिखा कि असलियत यह है कि आम आदमी पार्टी को नगर निगम में अपने नेताओं पर भरोसा नहीं है, उनको अपने नेतृत्व पर भरोसा नहीं है और वह छटपटाहट साफ दिखाई दे रही है।
वहीं, वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर ये आरोप भी लगाया है कि वह उनकी पार्टी के पार्षदों को खरीदने की कोशिश कर रही है लेकिन उनके पार्षद ईमानदार है।
4 दिसंबर को हुए थे एमसीडी चुनाव
गौरतलब है कि पिछले साल 4 दिसंबर को एमसीडी चुनाव हुए थे। इसके बाद 6 जनवरी और 24 जनवरी को आयोजित पहले दो सत्रों में ‘आप’ और बीजेपी के पार्षदों को हंगामे के बाद महापौर चुने बिना ही कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था। इस दौरान दोनों पार्टियों के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई थी।

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समय से पहले ही खत्म हुआ संसद का शीतकालीन सत्र https://samacharpacheesa.com/?p=5400 Fri, 23 Dec 2022 07:34:36 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5400 नईदिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है। हालांकि, संसद का शीतकालीन सत्र पहले 29 दिसंबर तक प्रस्तावित था। लेकिन आज 23 दिसंबर शुक्रवार को ही संसद का शीतकालीन सत्र स्थगित कर दिया गया। दोनों सदनों में इस शीतकालीन सत्र के दौरान कई बड़े काम हुए हैं। हालांकि, हो-हल्ला की भी स्थिति उत्पन्न हुई थी। लोकसभा की बात करें तो इसकी कार्य उत्पादकता लगभग 97% रही। लोकसभा की 13 बैठकों में 68 घंटे 42 मिनट तक कामकाज हुआ है। वहीं, राज्यसभा में 102% कामकाज हुआ। अपने संबोधन में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान उच्च सदन में 63 घंटे 20 मिनट का कामकाज निर्धारित हुआ था जबकि यह 64 घंटे 50 मिनट तक चला है। दोनों ही सदनों में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की गई और कई को पारित किया गया।
हालांकि, संसद के शीतकालीन सत्र में चीन के मुद्दे को लेकर विपक्ष जबरदस्त तरीके से सरकार पर हमलावर रहा। तवांग में 9 दिसंबर को चीन के साथ हुई थी। झड़प को लेकर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा था। हालांकि, चर्चा नहीं हो सकी। दूसरी ओर संसद के दोनों सदनों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के मुद्दे पर साफ तौर पर कहा था कि चीनी सेना एलएसी पर एकतरफा स्थिति को बदलने की कोशिश कर रही थी। भारतीय सेना ने उन्हें खदेड़ भेजा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने निचले सदन में कहा कि 17वीं लोकसभा का 10वां सत्र समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सत्र में नव निर्वाचित सदस्य के रूप में समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव ने शपथ ली।
इस दौरान लोकसभा ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपये की अनुदान की अनुपूरक मांगों और 2019-20 के लिए अनुदान की अतिरिक्त मांगों को मंजूरी दी। इस पर 10 घंटे 53 मिनट चर्चा हुई। सत्र के दौरान 9 सरकारी विधेयक पेश किये गए और सात विधेयक को सदन ने पारित किया। इसके अलावा, सदस्यों ने शून्यकाल के दौरान लोक महत्व के 374 विषय उठाये। साथ ही नियम 377 के तहत सदस्यों ने 298 मुद्दे उठाये। सत्र में स्थायी समितियों के 36 प्रतिवेदन रखे गए और मंत्रियों ने महत्वपूर्ण विषयों पर 23 वक्तव्य रखे। अध्यक्ष ने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान 56 तारांकित प्रश्नों के उत्तर दिये गए। लोकसभा में तमिलनाडु की दो जनजातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में डालने के प्रावधान वाले ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी दी गई। इसमें तमिलनाडु की नारीकोरवन और कुरुविक्करन पहाड़ी जनजातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने का प्रावधान है। ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक, 2022’को भी सदन ने मंजूरी दे दी, जिसमें हिमाचल प्रदेश के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, सदन ने ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (पांचवां संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी दी जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित 12 समुदायों को जनजातीय सूची में शामिल करने का प्रावधान है। साथ ही,‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (चौथा संशोधन) विधेयक, 2022’ को मंजूरी मिली जिसमें कर्नाटक की दो आदिवासी जातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में लाने का प्रावधान है। निचले सदन ने समुद्री मार्ग पर जहाजों को लूटने वाले दस्युओं पर शिकंजा कसने और महासागरों के माध्यम से व्यापार को प्रभावी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रस्तुत ‘समुद्री जलदस्युता रोधी विधेयक 2022’ को भी मंजूरी दी।
राज्यसभा के कामकाज
सदन में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा कर पारित किया गया और कई जरूरी मामलों पर सदन में चर्चा हुई। सत्र के दौरान धनखड़ ने बतौर सभापति पहली बार सदन की कार्यवाही का संचालन किया। राज्यसभा में तमिलनाडु तथा कुछ अन्य राज्यों की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जनजाति में डालने संबंधी विधेयकों, समुद्री मार्ग पर जहाजों को लूटने वाले दस्युओं पर शिकंजा कसने और महासागरों के माध्यम से व्यापार को प्रभावी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रस्तुत ‘समुद्री जलदस्युता रोधी विधेयक 2022’ को भी मंजूरी दी गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने कोविड महामारी के संबंध में बयान दिया। सत्र के दौरान उच्च सदन ने वर्तमान वित्त वर्ष के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को चर्चा कर लोकसभा को लौटा दिया। लोकसभा इन्हें पहले ही पारित कर चुकी थी।

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राज्यसभा में विपक्षी व सत्ताधारी भाजपा सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ा शून्यकाल https://samacharpacheesa.com/?p=5241 Thu, 15 Dec 2022 08:15:15 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5241 नयी दिल्ली। राज्यसभा में बृहस्पतिवार को शून्यकाल विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ गया। हंगामे की वजह से शून्यकाल के दौरान सदन की कार्यवाही दो बार 15-15 मिनट के लिए और एक बार दो मिनट के स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस, शिव सेना और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य उच्च अदालतों की नियुक्तियों में सरकार के कथित हस्तक्षेप और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग सहित कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे थे।
हालांकि, उपसभापति हरिवंश ने इस संबंध में विपक्षी सदस्यों के नियम 267 के तहत दिए गए कार्यस्थगन के नोटिस खारिज कर दिए। आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, अखिलेश प्रसाद सिंह, एल हनुमंथैया, जेबी मेथर और सैयद नासिर हुसैन तथा शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने उच्च अदालतों की नियुक्तियों में सरकार के कथित हस्तक्षेप, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, किसानों के आंदोलन से उत्पन्न स्थिति सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिए थे। नोटिस अस्वीकार किए जाने के बाद विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे।
इस दौरान सत्ताधारी दल के कुछ सदस्यों ने भी अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ कहने का प्रयास किया। भाजपा सदस्य पूर्ण शराबबंदी लागू कर चुके बिहार राज्य के सारण जिले में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत का मुद्दा उठाना चाह रहे थे। हंगामे के बीच ही उपसभापति ने भाजपा के विप्लब कुमार देब का नाम पुकारा। शून्यकाल के तहत देब को भारत-बांग्लादेश सीमा से संबंधित मुद्दा उठाना था लेकिन उन्होंने आसन से आग्रह किया कि बिहार के सदस्य किसी मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते हैं, लिहाजा पहले उन्हें बोलने का मौका दिया जाए। हरिवंश ने उनसे कहा कि वह अपने मुद्दे पर अपनी बात रखें। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने की अपील की। सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने 11 बजकर 18 मिनट पर सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए 11 बजकर 33 मिनट तक स्थगित कर दी। इसके बाद जब दोबारा बैठक शुरू हुई तो सदन में वही स्थिति थी।
विपक्षी सदस्य अपने अपने मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे वहीं बिहार से भाजपा के सदस्य जहरीली शराब से लोगों की मौत के मुद्दे को उठाने देने की मांग कर रहे थे। हरिवंश ने सदस्यों से कहा कि शून्यकाल बहुत महत्वपूर्ण हैं और इसे चलने दिया जाए। अपनी बात का कोई असर न होता देख उन्होंने दूसरी बार 11 बजकर 36 मिनट पर बैठक पुन: 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद जब 11 बजकर 50 मिनट पर तीसरी बार कार्यवाही आरंभ हुई तब भीसदन में हंगामा जारी था। हंगामे के बीच ही देब ने कहा कि बिहार में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस पर बोलने का मौका दिया जाना चाहिए।’’ आसन पर मौजूद पीठासीन अध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता ने देब से कहा कि वे नोटिस के अनुसार ही अपना मुद्दा उठाएं। उन्होंने बिहार का मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी। इसी बीच, विपक्षी सदस्य आसन के निकट आकर हंगामा करने लगे जिसके बाद कालिता ने सदन की कार्यवाही तीसरी बार 11 बजकर 58 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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