हंगामा – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 01 Aug 2023 07:20:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 मोदी के बयान के लिए विपक्ष का हंगामा https://samacharpacheesa.com/?p=7630 Tue, 01 Aug 2023 07:20:36 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7630 मणिपुर में बीते कुछ समय से मैतेई और कुकी समुदाय के बीच एक भीषण हिंसक संघर्ष चल रहा है। यहाँ से हाल ही में दो महिलाओं के साथ यौन उत्पीडऩ का एक वीडियो हमारे सामने आया, जिसने पूरे देश का सिर शर्म से झुका दिया। इस वीडियो ने हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी व्यथित कर दिया और उन्होंने इस घटना को 140 करोड़ भारतवासियों को शर्मसार करने वाला बताया। साथ ही, यह भी आश्वस्त किया कि इस घटना के आरोपियों को किसी भी सूरत में बख़्शा नहीं जाएगा। आज यह एक जगजाहिर तथ्य है कि प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में मणिपुर, असम से लेकर त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी राज्यों ने विकास, शांति और समृद्धि के नये आयामों को हासिल किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने केन्द्रीय सत्ता में आते ही ‘एक्ट ईस्टÓ नीति को हमारे सामने लाया, जिसके माध्यम से उनका प्रयास भारत-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ बेहतर राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को विकसित करना है। उनके इस प्रयास से कभी शेष भारत से बिल्कुल कटा हुआ महसूस करने वाले पूर्वोत्तर के राज्य आज हमारे विकास के ‘प्रवेश द्वारÓ और ‘अष्ट लक्ष्मीÓ के रूप में अपनी एक विशेष पहचान स्थापित कर चुके हैं। लेकिन, मणिपुर हिंसा जैसी घटनाओं से पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास को लेकर हो रहे सभी प्रयासों पर निश्चित रूप से बेहद नकारात्मक असर पड़ेगा और ऐसी घटनाएं दोबारा न हो हमें यह सुनिश्चित करना होगा। हालांकि, इतने संवेदनशील मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने जिस प्रकार का रवैया दिखाया है। वह वास्तव में बेहद दु:खद और खतरनाक है। उन्हें यह समझना होगा कि यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा है और इस पर किसी प्रकार की राजनीति कतई नहीं होनी चाहिए। विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं, कि उन्होंने आखऱि ढाई महीने से चल रहे मणिपुर हिंसा को लेकर कुछ कहा क्यों नहीं? वे क्षेत्र का दौरा करने क्यों नहीं गये? विपक्ष के ये सवाल वास्तव में उनकी अज्ञानता और राष्ट्र के प्रति उनकी अनिष्ठा को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर की स्थिति पर लगातार नजऱ बनाए हुए हैं और उनके दिशानिर्देशों पर शांति स्थापित करने के तमाम प्रयास किये जा रहे हैं। और, सवाल जहाँ तक प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी का है, तो आलोचक जरा स्वयं सोचें कि ऐसे समय में, जब भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है और हमारे सामने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते हैं, तो ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी के एक बयान से भारत को लेकर दुनिया में क्या संदेश जाएगा? विपक्ष को यह यथाशीघ्र समझने की आवश्यकता है कि यह पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और इससे निपटने में हम सक्षम हैं। उन्हें दुनिया के सामने अपने ही देश को छोटा दिखाने का प्रयास बंद कर देना चाहिए।

]]>
अडाणी समूह के मुद्दे पर विपक्ष का लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही दो बजे तक स्थगित https://samacharpacheesa.com/?p=6103 Mon, 06 Feb 2023 06:39:28 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6103 नयी दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने सोमवार को अडाणी समूह से जुड़े मामले पर चर्चा कराने और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग करते हुए नारेबाजी की जिस वजह से सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब पांच मिनट बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भूटान के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उसके भारत दौरे के लिए शुभकामनाएं दीं। भूटानी शिष्टमंडल के सदस्य सदन की विशेष दीर्घा में बैठे थे। इसके बाद उन्होंने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू कराया तो विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। उन्होंने ‘वी वांट जेपीसी’ (हम चाहते हैं जेपीसी) के नारे लगाए।
बिरला ने श्रम मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न के लिए कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर का नाम पुकारा, हालांकि विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से नारेबाजी बंद करने और सदन चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘आज मजूदरों से जुड़ा प्रश्न है…यह सदन की दिशा तय करता है। आपको किसी विषय पर चर्चा करनी है तो बातचीत करें। आप बिना बातचीत के, केवल नियोजित तरीके से सदन को स्थगित कराएं, यह उचित नहीं है। आप मेरे कक्ष में आएं, बातचीत करें, किसी भी विषय पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय दूंगा।’’ बिरला ने कहा, ‘‘नारेबाजी करना जनता के हित में नहीं है।
जनता ने आपको चुनकर भेजा है। मजदूरों से जुड़ा सवाल उठाने दीजिए। आपने (कांग्रेस) लंबे समय तकराज किया है। आप इतनी पुरानी पार्टी हैं, यह व्यवहार उचित नहीं है।’’ हंगामा नहीं थमने पर लोकसभा अध्यक्ष ने करीब 11 बजकर पांच मिनट पर सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसी विषय पर गत सप्ताह भी विपक्षी सदस्यों ने अदाणी समूह पर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट और शेयर बाजार में उससे जुड़े घटनाक्रम के मुद्दे पर जांच के लिए जेपीसी गठित करने तथा इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया था जिस कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी।

]]>
सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को बताया सही, कांग्रेस बेवजह कर रही थी हंगामा : रविशंकर प्रसाद https://samacharpacheesa.com/?p=5587 Mon, 02 Jan 2023 10:25:45 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5587  नईदिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने केंद्र सरकार के 2016 में 500 और 1000 रुपये की श्रृंखला वाले नोटों को बंद करने के फैसले को सोमवार को 4:1 के बहुमत के साथ सही ठहराया। हालंकि, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ही आधार बनाकर भाजपा पर निशाना साध रही है। इस सब के बीच भाजपा की ओर से विपक्षी दल पर पलटवार किया गया है। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आज एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला आया है। उन्होंने कहा कि 2016 में मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसले, जिसमें 500 और 1,000 के नोटों को जो डिमोनेटाइज किया था, उसकी वैधानिकता को चुनौती देने वाली सारी याचिकाओं को कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया है।
भाजपा सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को वैधानिकता को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओं को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने भी इस पर हंगामा खड़ा किया था। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी के अगले साल ही टैक्स कलेक्शन में 18% की वृद्धि हुई थी और 2.38 लाख शेल कंपनियां भी पकड़ी गई थीं। भाजपा नेता ने कहा कि ये पूरी नीति टेरर फंडिंग, फेक करेंसी और मनी लॉन्ड्रिंग आदि को रोकने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि टेररिज्म की रीढ़ को तोड़ने में डिमोनेटाइज ने महत्वपूर्ण काम किया। यह फैसला देशहित में किया गया था और आज कोर्ट ने इस निर्णय को सही पाया है। जबकि कांग्रेस ने इसे लेकर काफी हंगामा किया था।
कांग्रेस का वार
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय के फैसले के तुरंत बाद कहा कि “अल्पमत” के फैसले ने नोटबंदी में ‘अवैधता’ और ‘अनियमितताओं’ की ओर इशारा किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने एक ट्वीट में कहा कि एक बार माननीय उच्चतम न्यायालय ने कानून घोषित कर दिया है, तो हमें इसे स्वीकार करना ही होता है। हालांकि, यह इंगित करना आवश्यक है कि बहुमत ने निर्णय की बुद्धिमता को बरकरार नहीं रखा है, और न ही बहुमत ने यह निष्कर्ष निकाला है कि बताए गए उद्देश्य हासिल किए गए। उन्होंने कहा कि वास्तव में बहुमत ने इस सवाल को स्पष्ट कर दिया है कि क्या उद्देश्यों को हासिल किया गया या नहीं?

]]>
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के बयान पर राज्यसभा में हंगामा, पीयूष गोयल ने की माफी मांगने की मांग https://samacharpacheesa.com/?p=5325 Tue, 20 Dec 2022 07:52:05 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5325 नईदिल्ली। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा जान दिए जाने वाले बयान पर अब हंगामा बढऩे लगा है। 20 दिसंबर को ये मामला राज्यसभा में भी गूंजा। यहां पीयूष गोयल ने मल्लिकार्जुन खडग़े के बायन की निंदा की है। राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि मल्लिकार्जुन खडग़े को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अपने पीएम का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि खडग़े ने अमर्यादित भाषा का उपयोग किया है। कांग्रेस ने बाबा साहेब का अपमान किया है। कांग्रेस के समय देश की जमीन पर कब्जा किया है। खडग़े ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। इस तरह का बयान देने के बाद उन्हें सदन में रहने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि अलवर में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने अभद्र भाषण दिया था. जिस भाषा का प्रयोग किया गया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जिस तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, निराधार बातें कही और देश के सामने झूठ पेश करने की कोशिश की, मैं उसकी निंदा करता हूं। मैं उनसे माफी की मांग करता हूं।
उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खडग़े को भाजपा, संसद और इस देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनाई। आजादी के बाद महात्मा गांधी ने कहा कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए। खडग़े जी इसका जीता जागता उदाहरण हैं और देश को दिखा रहे हैं कि गांधी जी ने जो कहा वह सच था और वह एक ऐसे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं जो बोलना नहीं जानते। जब तक वह माफी नहीं मांगते, उन्हें यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है।
वहीं इस मामले पर खड़से ने कहा कि ये बयान सदन के बाहर दिया गया है ऐसे में सदन के अंदर इस बयान पर माफी मांगने का सवाल नहीं उठता है। सदन के बाहर दिए गए बयान की चर्चा की जरुरत नही है। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा ने देश के लिए क्या किया है। कांग्रेस के राजीव गांधी, इंदिरा गांधी ने देश के लिए जान दी थी। उन्होंने कहा जो लोग देश की आजादी के लिए लड़े हैं उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है।
ये दिया था बयान
बता दें कि मल्लिकार्जुन खड़से ने बयान दिया था कि हमने देश को आज़ादी दिलाई और देश की एकता के लिए इंदिरा और राजीव गांधी ने अपनी जान की क़ुर्बानी दी। हमारे पार्टी के नेताओं ने अपनी जान दी, आपने क्या किया? आपके घर में कोई देश के लिए कुत्ता तक मरा है? क्या किसी ने कोई क़ुर्बानी दी है? इस बयान के बाद से ही भाजपा हमलावर हो गई है।

]]>