हड़ताल – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Sat, 29 Jul 2023 09:57:44 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 रायपुर में काली पट्टी बांधकर जूनियर डॉक्टर्स का अजीब प्रदर्शन ! 1 अगस्त से शुरू होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल https://samacharpacheesa.com/?p=7600 Sat, 29 Jul 2023 09:57:42 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7600 रायपुर। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से जूनियर डॉक्टर हाथों में काली पट्टी बांधकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग के लिए शांतिपूर्ण विरोध करने का तरीका अपनाया है। लेकिन 1 अगस्त से जूनियर डॉक्टर का प्रदर्शन उग्र होने वाला है। सभी जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी।
जनवरी में प्रदर्शन के बाद मिला था आश्वासन: जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले कई महीनों से नाराज चल रहा है। जनवरी में भी जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की थी। हड़ताल के दौरान जूडा ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को ज्ञापन भी सौंपा था। जिसके बाद मांग पूरी होने का आश्वासन शासन की तरफ से मिला था। 6 महीने बीतने के बाद भी मानदेय में बढ़ोतरी ना होता देख एक बार फिर जूडा प्रदर्शन के मूड में हैं। पिछले पांच दिनों से जनियर डॉक्टर काली पट्टी बांधकर अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे हैं।जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के मुताबिक अभी हम केवल ब्लैक रिबन बांधकर अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद यदि सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती है तो हम डॉक्टर 1 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। इस हड़ताल से मरीजों को होने वाली परेशानियों के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
जूडा की ये है मांग: जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि दूसरे प्रदेशों में जूनियर डॉक्टर्स को 90000 रुपये तक स्टाइपेंड दिया जाता है। लेकिन छत्तीसगढ़ में 50 से 55000 मानदेय दिया जा रहा है। दूसरे प्रदेशों में 4 साल का बॉन्ड भी नहीं भरवाया जाता जबकि छत्तीसगढ़ में बॉंड भरवाया जा रहा है। बीते 4 साल से स्टाइपेंड बढ़ाया ही नहीं गया।
3000 जूनियर डॉक्टर पढ़ाई के साथ अस्पताल में दे रहे सेवाएं: प्रदेश में जूनियर डॉक्टर की संख्या 3000 है। जो प्रदेश के अलग-अलग जिले के सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई के साथ अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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तीन दिन में काम पर लौटें संविदा कर्मचारी, नहीं तो एस्मा के तहत होगी कार्रवाई https://samacharpacheesa.com/?p=7547 Wed, 26 Jul 2023 08:01:54 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7547 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने हड़ताल पर गए कर्मचारी और अधिकारी को 3 दिन के भीतर काम पर लौटने का आदेश जारी किया है। हड़ताल खत्म कर काम पर नहीं लौटने से उनके खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई होगी। सरकार ने संविदा कर्मचारी और अधिकारियों की मांग पर वेतन वृद्धि की घोषणा की है। इसके बावजूद भी कर्मचारी अधिकारी अपने काम पर अनुपस्थित हैं। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा संविदा नियुक्ति नियम 2012 की कंडिका 15 (1) के अनुसार आवरण नियम 1965 का उल्लंघन है। एस्मा धारा-4 की उपधारा (1) और (2) के तहत कार्रवाई होगी। इसके साथ ही उनके स्थान पर दूसरे कर्मचारी की भर्ती की जाएगी।
संविदा कर्मचारी और अधिकारी बुधवार को संवाद रैली करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दंडवत प्रणाम कर जन घोषणा पत्र पर किए गए वादे संविदा नियमितीकरण की मांग को पूरा करने की अपील करेंगे। प्रांतीय मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता सूरज सिंह ने कहा कि संविदा कर्मचारी महासंघ इस कार्रवाई का विरोध करती है। इन 23 दिनों में सरकार चाहती तो संविदा कर्मचारियों से संवाद कर सकती थी, कोई और रास्ता निकल सकता था। शासन बिना संवाद किए कार्रवाई कर रहा है। महासंघ इसका विरोध करता है।

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अब रोजगार सहायकों की हड़ताल, नियमितीकरण की मांग को लेकर निकाली रैली https://samacharpacheesa.com/?p=7299 Thu, 13 Jul 2023 08:31:20 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=7299 कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के ग्राम रोजगार सहायक अब अपनी मांग को लेकर लामबंद हो गए है। इन सहायकों ने बुधवार से हड़ताल शुरू कर दी है। इनकी दो सूत्रीय मांग है, जिसमें ग्रेड -पे निर्धारण करते हुए नियमितिकरण किया जाए और नियमितिकरण होने तक ग्राम रोजगार सहायकों का सिविल सेवा आचरण पंचायती राज अधिनियम 1966 पंचायत कर्मी नियमावली को लागू की जाए। अब अपनी मांगों को लेकर रोजगार सहायकों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
पूरे जिले में करीब 450 से अधिक ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायक तैनात है। इनके हड़ताल में चले जाने से पंचायत के सभी प्रकार के कामों पर असर होना शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ ग्राम रोजगार सहायक संघ के जिला अध्यक्ष राजाराम वर्मा, उपाध्यक्ष रामदास साहू, सचिव गोपाल चन्द्रवंशी ने बताया कि वे मांगों को करीब वर्ष से समय-समय पर शासन के समक्ष रखते आ रहे है। आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की हमारे मांग को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में पूरे प्रदेश के रोजगार सहायकों ने हड़ताल की थी। इसके बाद शासन की ओर मांग पूरी किए जाने का आश्वासन जरूर मिला। करीब 66 दिन हड़ताल बाद 9540 रुपए देने की घोषणा की गई। लेकिन, वर्तमान में यह मानदेय नहीं मिल रहा है। रोजगार सहायकों ने कहा कि देश के अन्य राज्य मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान की तरह हमारी मांगों को पूरी किया जाए।

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