हमलावर – SAMACHARPACHEESA.COM https://samacharpacheesa.com Tue, 09 May 2023 06:09:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 राजनीति में शराब घोटाले की धमक https://samacharpacheesa.com/?p=6850 Tue, 09 May 2023 06:09:53 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=6850 भारतीय जनता पार्टी पिछले एक साल से सत्तारुढ़ कांग्रेस सरकार पर ईडी और सीडी के आरोपों में फंसी होने के आरोप लगा रही है। इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पार्टी के प्रवक्ता प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के द्वारा पिछले दो वर्षों से की जा रही कार्यवाही को राजनीति से प्रेरित बता रहे है। एक बात समझने की है कि ईडी जांच करने वाली संस्था नहीं है। सीबीआई और आयकर विभाग छापा मारकर आर्थिक एवं अन्य अपराधों की जांच करते है और इस दौरान संबंधित दस्तावेज जप्त करते है। इन जप्त दस्तावेजों में विदेशों में धन के अवैध लेन-देन की कोई बात हो तब ईडी अपना काम शुरु करता है। प्रदेश में कोयला के परिवहन में अवैध कमाई और उस कमाई की अफरा-तफरी को लेकर ईडी ने उच्च अधिकारियों, कारोबारियों सहित बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार कर रखा है। अब पिछले कुछ दिनों से शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर रहा है। इस सिलसिले में रायपुर नगर निगम के महापौर के भाई अनवर ढेबर को जब ईडी ने गिरफ्तार कर न्यायालय में 14 दिन की रिमांड मांगने के लिए जो आवेदन प्रस्तुत किया और उसके बाद विज्ञप्ति जारी की उससे शराब के अवैध धंधों से 2 हजार करोड़़ रुपए से अधिक की गड़बड़ी का दावा किया गया है। ईडी ने बकायदा किस प्रकार तीन तरह से शराब के कारोबार में अवैध वसूली और कारोबार का सिंडीकेट बनाकर पैसे की लूट की गई, इसकी जानकारी विज्ञप्ति में दी गई है। इस प्रकरण के बाद राजनीति गरमा गई है। भाजपा सरकार पर हमलावर है तो सरकार 2 हजार करोड़ रुपए के घोटाले को तथ्यहीन बता रही है। वैसे तो कांग्रेस की ओर से जो तर्क दिए जा रहे है वे ज्यादा गंभीर नहीं लगते। लेकिन इस बात के कयास लगने शुरु गए है कि ईडी की कार्यवाही से जो घोटाले सामने आ रहे है उनका चुनाव पर क्या असर होगा? एक बात देखने में आती है कि चुनाव में विकास और भ्रष्टाचार तब तक कोई मुद्दा नहीं बनते जब तक वह जनता के जीवन को प्रभावित न करें। इसलिए कोयला मामले में ईडी का कार्यवाही का उतना असर नहीं होगा लेकिन शराब के घोटाले को लेकर जो तथ्य सामने आए है वे चुनाव को अवश्य प्रभावित करेंगे। वह इसलिए क्योंकि मामला शराब से जुड़ा हुआ है और प्रदेश में शराबबंदी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में शराबबंदी का वादा किया था लेकिन अब तक शराबबंदी नहीं की जा सकी। सरकार यह निर्णय नहीं लेने के पीछे तर्क दे रही है कि अचानक शराबबंदी से लोगों को तकलीफ हो सकती है। इधर जो तथ्य ईडी के द्वारा सामने रखे गए है उससे लगता है कि जो कमाई शराब के कारोबार से हो रही थी उसे बनाए रखने के लिए शराबबंदी का निर्णय नहीं लिया गया। दूसरी ओर बिना आबकारी कर पटाए शराब के अवैध कारोबार से भी सैकड़ों करोड़ रुपए कमाए गए। इससे शराब पीने वाले और शराबबंदी की मांग करने वाले दोनों पक्ष नाराज होंगे। यह नाराजगी अगले चुनाव में कांग्रेस सरकार पर भारी पड़ सकती है।

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सुर्खियों में बने रहने के लिए गैर जिम्मेदाराना बयान देना कांग्रेस का चरित्र : भाजपा https://samacharpacheesa.com/?p=5853 Mon, 23 Jan 2023 11:10:04 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5853 नईदिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा हमले को लेकर एक बार फिर से केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए है। दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर भाजपा पर हमलावर हो गई है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि आज हमें बड़े भारी मन से ये कहना पड़ रहा है कि भारत जोड़ा यात्रा तो नाम की है… भारत को तोड़ने का कार्य स्वयं राहुल गांधी और कांग्रेस के तमाम नेता उनके निशाने पर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुर्खियों में बने रहने के लिए गैर जिम्मेदाराना बयान देना कांग्रेस पार्टी का चरित्र है लेकिन अगर आप भारतीय सेना के खिलाफ बोलेंगे तो ये देश सहन नहीं करेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भी हमारी वीर सेना अपना पराक्रम दिखाती है तो सबसे अधिक दर्द उस देश को होता है जिसको सबक सिखाया जाता है, जो विश्व में अपनी आतंकी गतिविधियों को लेकर जाना जाता है। लेकिन यह दुखद है कि दर्द भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को होता है।
भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा के दौरान लोगों को एकजुट करने और प्यार और शांति फैलाने के दावे नाम मात्र का कार्य है, लेकिन असली मकसद भारत को तोड़ना है। दिग्विजय सिंह के बयान उसी का एक उदाहरण हैं और सिंह द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा यह दर्शाती है कि यह भारत तोड़ो यात्रा है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी से नफरत करते करते राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह अब अंधे हो गए हैं और उनको अपनी जिम्मेदारी का भी अब अहसास नहीं है। देश के लिए भक्तिभाव भी उनके भीतर समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों की जनता के प्रति जिम्मेदारी होती है लेकिन कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद यह देसी आतंकवाद का परिणाम है।
अपना हमला जारी रखते हुए भाटिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के मुताबिक आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश को क्लीन चिट देना जरूरी था। दिग्विजय सिंह का कहना है कि सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत नहीं दिया है। कांग्रेस हमारे रक्षा बलों के शौर्य पर सवाल उठा रही है, उन्हें हमारी रक्षा करने वाले लोगों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो सेना से प्रमाण मांगा गया। राहुल गांधी की इस यात्रा का असल मकसद है भारत की एकता को खंडित करना। उन्होंने कहा कि जो हमारी संवैधानिक प्रणाली है उस पर कांग्रेस का विश्वास नहीं है, हमारी वीर सेना पर इनका विश्वास नहीं है और बार बार इस तरह के सवाल उठा कर ये सेना और देश के नागरिकों का अपमान करते हैं।

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राहुल गांधी पर हमलावर हुए अनुराग ठाकुर, कहा- तवांग पर हमसे सवाल करने से पहले उन्हें जवाब देना चाहिए https://samacharpacheesa.com/?p=5302 Mon, 19 Dec 2022 08:41:14 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5302 नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2014 के बाद पूर्वोत्तर में शांति का दौर शुरू हुआ। उग्रवादी हिंसा में 80 फीसदी कमी, नागरिक मौतों में 89 फीसदी की कमी और 2014 के बाद 6000 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया। वामपंथी उग्रवाद में 265 फीसदी की कमी आई। उन्होंने पाकिस्तान पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि जहां भारत दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कर रहा है, वहीं हमारे कुछ पड़ोसी देश आतंकवाद का समर्थन कर रहे हैं और जोर-शोर से इसके पक्ष में बोल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनका असली चेहरा सामने आ गया है।
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने सामाजिक कल्याण के बहाने कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले एक संगठन (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने में संकोच नहीं किया, हमने संगठन के खिलाफ गहन जांच की और उसके सदस्यों को गिरफ्तार किया। कट्टरपंथी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। ठाकुर ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि तवांग पर हमसे सवाल करने से पहले राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए, क्या वह चीनी अधिकारियों के साथ थे, जबकि भारतीय सेना डोकलाम मुद्दे पर चीन के सैनिकों से लड़ रही थी?
ठाकुर ने आगे कहा कि क्या उन्होंने उस समय हमारी सेना पर सवाल उठाया था? क्या राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीनी अधिकारियों से ली थी फंडिंग? उन्होंने ये भी कहा कि मोदी सरकार द्वारा अपनाया गया दृष्टिकोण आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस है। निर्णायक कार्रवाई ने हमें निश्चित परिणाम दिए हैं। यदि आप सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट स्ट्राइक को देखें और आतंकवादियों के खिलाफ स्ट्राइक के बाद 2014 से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद में 168 फीसदी की कमी आई है। अगर आप टेरर फंडिंग में कन्विक्शन रेट देखें तो यह 94 फीसदी है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह सिर्फ अपनाई गई नीतियों और बनाए गए नए कानूनों और भारत में आयोजित अन्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के कारण है। बिलावल भुट्टो का बयान और पाक मंत्री की धमकी आतंकवाद पर भारत के सख्त कार्रवाइयों और जांच के दबाव को दिखाती है। पाकिस्तान को आतंकवाद और टेरर फंडिंग को समर्थन देना बंद करना चाहिए नहीं तो उसे खुद ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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भारत-चीन झड़प को लेकर मोदी सरकार पर फिर हमलावर हुए खडग़े https://samacharpacheesa.com/?p=5248 Thu, 15 Dec 2022 08:34:09 +0000 https://samacharpacheesa.com/?p=5248 नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीन के अतिक्रमण को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अभी भी जारी है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने गुरुवार को मोदी सरकार पर एक बार फिर हमला बोला। खडग़े ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उपहास का अनुसरण करते हुए कहा, ऐसा लगता है कि मोदी सरकार की लाल आंख चीनी चश्मे से ढकी हुई है…क्या हम संसद में चीन के खिलाफ नहीं बोल सकते?
भारत-चीन सीमा मुद्दे पर सरकार पर बहस को रोकने का आरोप लगाने के बाद बुधवार को कांग्रेस और अन्य दलों ने संसद से बहिर्गमन किया। सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और तृणमूल के सांसद लोकसभा से बाहर चले गए और उन दो और जनता दल (यूनाइटेड), तेलुगु देशम पार्टी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना सहित 17 राज्यसभा से बाहर चले गए।
बताते चलें कि 9 दिसंबर को तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इसपर के केंद्र सरकार ने कहा था कि भारत ने दृढ़ तरीके से जवाब दिया और चीन को पीछे हटने को मजबूर किया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जून 2020 में गालवान के विपरीत कोई घातक घटना नहीं हुई और भारतीय सैनिकों को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

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