Home देश क्या है यूपीआई डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई जैसी सुविधा आपको घर बैठे आसानी से पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देती है. इसके लिए आपको यूपीआई सपोर्ट करने वाले ऐप जैसे पेटीएम, फोनपे, भीम, गूगलपे आदि की जरूरत होती है. खास बात है कि यूपीआई आपको स्कैनर, मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी इनमें से सिर्फ एक जानकारी होने पर भी पैसे ट्रांसफर की सुविधा देता है. UPI 123Pay बटन वाले फोन/फीचर फोन से भी आप यूपीआई पेमेंट कर सकते हैं.

क्या है यूपीआई डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई जैसी सुविधा आपको घर बैठे आसानी से पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देती है. इसके लिए आपको यूपीआई सपोर्ट करने वाले ऐप जैसे पेटीएम, फोनपे, भीम, गूगलपे आदि की जरूरत होती है. खास बात है कि यूपीआई आपको स्कैनर, मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी इनमें से सिर्फ एक जानकारी होने पर भी पैसे ट्रांसफर की सुविधा देता है. UPI 123Pay बटन वाले फोन/फीचर फोन से भी आप यूपीआई पेमेंट कर सकते हैं.

0
क्या है यूपीआई डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई जैसी सुविधा आपको घर बैठे आसानी से पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देती है. इसके लिए आपको यूपीआई सपोर्ट करने वाले ऐप जैसे पेटीएम, फोनपे, भीम, गूगलपे आदि की जरूरत होती है. खास बात है कि यूपीआई आपको स्कैनर, मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी इनमें से सिर्फ एक जानकारी होने पर भी पैसे ट्रांसफर की सुविधा देता है. UPI 123Pay बटन वाले फोन/फीचर फोन से भी आप यूपीआई पेमेंट कर सकते हैं.

बैंकों का पैसा गबन करके भागने के आरोपी विजय माल्या ने अब बैंकों पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं. माल्या ने कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कहा कि बैंक उसे लोन रिकवरी से संबंधित पूरी जानकारी दें. रिपोर्ट के मुताबिक, माल्या पर करीब ₹6,200 करोड़ चुकाने का बकाया था, लेकिन अब तक ₹14,000 करोड़ से ज्यादा की वसूली हो चुकी है. माल्या के वकील ने दलील दी कि जब पूरी बकाया राशि वसूल हो चुकी है, तो फिर भी रिकवरी प्रक्रिया जारी क्यों है? ऐसे में बैंकों को पूरी रिकवरी का विस्तृत ब्योरा देना चाहिए.

माल्या की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आर. देवदास की अध्यक्षता वाली हाई कोर्ट बेंच ने बैंकों और लोन रिकवरी अधिकारियों को नोटिस जारी किया है. विजय माल्या इस वक्त भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रत्यर्पण (extradition) प्रयासों का सामना कर रहे हैं. माल्या फिलहाल लंदन में रह रहे हैं.

अब भी आर्थिक अपराधी क्यों?
18 दिसंबर 2024 को, माल्या ने दावा किया था कि बैंकों ने उनसे ₹6,203 करोड़ के लोन के मुकाबले ₹14,131.60 करोड़ वसूल लिए हैं, इसके बावजूद उन्हें अब भी “आर्थिक अपराधी (economic offender)” माना जा रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और बैंक कानूनी रूप से यह साबित नहीं कर सकते कि उन्होंने मुझसे बकाया राशि से दोगुनी वसूली क्यों की, तो मुझे राहत मिलनी चाहिए.”

वित्त मंत्री ने भी कहा था
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने ₹22,280 करोड़ की संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें कई बड़े आर्थिक अपराध के मामले शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इसमें से ₹14,131.6 करोड़ की संपत्ति विजय माल्या से जब्त कर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सौंप दी गई है. अब देखने वाली बात यह होगी कि हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद क्या फैसला आता है.