
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में पिछले दिनों टिकट जांच के दौरान फर्जी ई-टिकट के एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, नागपुर मंडल श्री दिलीप सिंह के निर्देश पर मंडल में विशेष सतर्कता अभियान चलाये जा रहा है ।
गाड़ी संख्या 12833 में नागपुर-गोंदिया सेक्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात टीटीई श्री इंद्रजीत ने दो यात्रियों को एक ही सीट पर दावा करते हुए पाया। संदेह होने पर दोनों ई-टिकटों की एचएचटी उपकरण से जांच की गई, जिसमें एक टिकट वास्तविक तथा दूसरा निष्क्रिय (फ्लश्ड) पीएनआर के आधार पर तैयार किया गया फर्जी ई-टिकट पाया गया। पूछताछ में सामने आया कि यह टिकट एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराया गया था, जिसने संपर्क करने पर मोबाइल बंद कर लिया। जांच से यह स्पष्ट हुआ कि फ्लश्ड पीएनआर का उपयोग कर ई-टिकट की पीडीएफ फाइल को डिजिटल रूप से एडिट कर एआई टूल्स की मदद से नकली टिकट तैयार किया गया था।
इसी क्रम में हाल ही में जयपुर मंडल में भी एआई के दुरुपयोग का एक मामला सामने आया है, जिसमें कुछ विद्यार्थियों ने एक व्यक्ति के वैध ई-टिकट को एआई की सहायता से एडिट कर 7 यात्रियों का टिकट दर्शाया। यह फर्जीवाड़ा तब पकड़ा गया जब हेड टीसी द्वारा मोबाइल में दिखाए गए टिकट की जांच की गई।