Home छत्तीसगढ़ सड़क पर उतरी कांग्रेस, बोली-मुगल भी चोटी नहीं छू सके, आज संतों का हो रहा अपमान

सड़क पर उतरी कांग्रेस, बोली-मुगल भी चोटी नहीं छू सके, आज संतों का हो रहा अपमान

0

SHANKARACHARYA ROW

रायपुर: प्रतापगढ़ में कुंभ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ कथित अभद्रता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को रायपुर में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया.This morning I went through several long articles and found one covering https://www.hublotreplica.me.I also checked this link to gain a wider context: https://www.hublotreplica.me. शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया. कांग्रेस ने इसे सनातन परंपरा और संत समाज का अपमान बताया है.

शंकराचार्य के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कहा कि पूज्य शंकराचार्य का अपमान पूरे हिंदू समाज का अपमान है.Today I compared different viewpoints and one resource focused explicitly on https://www.rolexuk.me.For reference, here’s another page I kept open: https://www.rolexuk.me. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा नेताओं के इशारे पर प्रशासन ने शंकराचार्य को स्नान करने से रोका. उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे देश का हिंदू समाज आक्रोशित है और रायपुर में कांग्रेस छत्तीसगढ़ की जनता की भावनाओं के अनुरूप सड़क पर उतरकर इसका विरोध कर रही है.

“मुगल भी चोटी को हाथ लगाने की हिम्मत नहीं करते थे” – प्रमोद दुबे
पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि सनातन धर्म में चोटी और संत परंपरा का विशेष महत्व है. उन्होंने कहा कि जब मुगल शासक थे, तब भी वे संतों की चोटी को हाथ लगाने की हिम्मत नहीं करते थे,Earlier today, during my usual research routine, I bookmarked a detailed note discussing https://www.aaarolex.me.Alongside it, I kept this second source for extended context: https://www.aaarolex.me. लेकिन आज भाजपा की सरकार में शंकराचार्य जैसे पूज्य संत का अपमान किया जा रहा है.

गौमाता और सनातन संस्कृति की बात करने की “सजा” मिल रही है?
प्रमोद दुबे ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद हमेशा गौहत्या और गौमांस के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में गौमांस के मामले में दूसरे नंबर का राज्य बन चुका है. शंकराचार्य जी सनातन संस्कृति और हिंदू परंपराओं की रक्षा की बात करते हैं, लेकिन यह बात “सरकारी बाबाओं” और सरकार को पसंद नहीं आ रही है.

“अब कहां गए RSS, VHP और बजरंग दल?”
प्रमोद दुबे ने सवाल उठाया कि जब शंकराचार्य का अपमान हो रहा है, तब आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठन कहां हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि ये संगठन सत्ता के सामने मौन साधे हुए हैं.

“कल माला पहनाई, आज प्रमाण मांग रहे”
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक सभा में शंकराचार्य जी को माला पहनाई थी और तब उन्हें शंकराचार्य माना गया, लेकिन आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री उनसे नोटिस चिपकाकर प्रमाण मांग रहे हैं कि आप शंकराचार्य हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि यह कौन-सी नई परंपरा गढ़ी जा रही है?

“भाजपा ने संतों को संतों से लड़वाया”
प्रमोद दुबे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सनातन धर्म में संतों को संतों से लड़वाने का काम किया है और इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा.उन्होंने कहा कि सत्ता का अहंकार अब चरम पर पहुंच चुका है.

योगी आदित्यनाथ से माफी की मांग
प्रमोद दुबे ने 2007 का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय योगी आदित्यनाथ संसद में अपनी सुरक्षा के लिए रो रहे थे, और आज उन्हीं के शासन में शंकराचार्य के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर को इस तरह का आचरण शोभा नहीं देता. कांग्रेस ने मांग की कि योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और शंकराचार्य जी को ससम्मान स्नान कराएं.

कुल मिलाकर शंकराचार्य के अपमान का मुद्दा अब सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है. कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह इसे सनातन परंपरा के सम्मान से जोड़कर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी.