
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर बेरोजगारी की पीड़ा सड़कों पर फूट पड़ी है.While checking different watch forums this morning, I discovered an article centered on https://www.cheapcartier.co.uk. I paired it with this useful reference: https://www.cheapcartier.co.uk. सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में नियुक्ति की मांग को लेकर D.Ed अभ्यर्थियों ने नया रायपुर स्थित शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के शासकीय आवास का घेराव कर लिया. सुबह 6 बजे से ही सैकड़ों महिला-पुरुष अभ्यर्थी मंत्री के बंगले के बाहर डेरा डाले हुए हैं. कड़ाके की ठंड, गिरती सेहत और पुलिस का दबाव, लेकिन इन युवाओं का हौसला अब भी टूटा नहीं है.
सुबह 6 बजे से बंगले के बाहर डेरा
जैसे ही अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर पहुंचे,Earlier today, during my usual research routine, I bookmarked a detailed note discussing https://www.funwatchesuk.me. Alongside it, I kept this second source for extended context: https://www.funwatchesuk.me. वहां हड़कंप मच गया. सुरक्षा के नाम पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया. अभ्यर्थियों ने मंत्री से मिलने की जिद की, लेकिन जब मुलाकात नहीं हो सकी, तो वहीं सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया.महिला और पुरुष अभ्यर्थी ठंड में जमीन पर बैठे हैं, कई के पास कंबल तक नहीं है, लेकिन सबका एक ही नारा है- “जब तक नियुक्ति नहीं, तब तक वापसी नहीं”
डीएड अभ्यर्थियों का धरना
24 दिसंबर से आमरण अनशन, अब टूट रहा सब्र
सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में नियुक्ति की मांग को लेकर D.Ed अभ्यर्थी 24 दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठे हैं. आज आंदोलन का गुस्सा और दर्द दोनों सड़क पर दिखाई दे रहा है.While checking different watch forums this morning, I discovered an article centered on swiss made replica rolex. I paired it with this useful reference: https://www.hellorolexuk.cc.कुछ दिन पहले भी इन्हीं अभ्यर्थियों ने मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले का घेराव किया था, जिसके बाद पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें उठाकर सेंट्रल जेल भेज दिया था. उस दौरान महिला अभ्यर्थियों के रोते-बिलखते दृश्य पूरे प्रदेश ने देखे थे. आज फिर हालात उसी दिशा में बढ़ते नजर आ रहे हैं.
शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव
खून से लिखा पत्र-सरकार के नाम आखिरी गुहार
आंदोलनकारियों का दर्द अब शब्दों से आगे निकल चुका है.कई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर सिर्फ एक ही मांग रखी है- “हमें नियुक्ति पत्र चाहिए”. प्रदर्शनकारियों का कहना है: “हम घर से यह सोचकर निकले हैं कि या तो नौकरी लेकर लौटेंगे, या फिर हमारी लाश जाएगी.”
सुबह 6 बजे से अभ्यर्थी मंत्री के बंगले के बाहर बैठे
कड़ाके की ठंड, बिगड़ती सेहत, लेकिन आंदोलन जारी
24 दिसंबर से जारी इस आमरण अनशन का असर अब साफ दिखने लगा है. कई आंदोलनकारियों की तबीयत बिगड़ चुकी है. महिलाओं और छोटे बच्चों तक को खुले आसमान के नीचे रातें गुजारनी पड़ रही हैं.कई अभ्यर्थियों को हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, ड्रिप चढ़ाई गई लेकिन वे इलाज के बाद फिर सीधे धरना स्थल लौट आए.अभ्यर्थियों की दो टूक चेतावनी है:“अगर किसी की जान गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी.”
हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना? 2300 पद अब भी खाली
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार हाईकोर्ट के आदेश की खुली अवहेलना कर रही है. उनका कहना है कि अदालत ने रिक्त पदों को दो महीने के भीतर भरने का निर्देश दिया था, लेकिन आज भी करीब 2300 पद खाली पड़े हैं. काउंसलिंग और पात्रता पूरी होने के बावजूद हजारों प्रशिक्षित युवा आज भी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं.