
उपमुख्यमंत्री ने घायल जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जवानों के इलाज में किसी भी तरह की कमी न रहे और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में लगे जवान पूरे साहस और समर्पण के साथ प्रदेश की सुरक्षा कर रहे हैं। उनका योगदान और बलिदान अमूल्य है।
25 जनवरी को बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के कर्रेगुट्टा पहाड़ी इलाके में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक के बाद एक छह आईईडी विस्फोट हुए थे। इन धमाकों में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 12 जवान घायल हो गए थे। घटना के बाद सभी घायलों को एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इलाज के बाद छह जवानों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी जवानों की हालत में भी लगातार सुधार हो रहा है।