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रायपुर: मानसून सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अयोध्या के राम मंदिर में हुई चंदा चोरी को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. भूपेश बघेल ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर को जो भी दान मिला में उसमें बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया. छत्तीसगढ़ विधानसभा में लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव को भाजपा की विरोध के बाद चर्चा से बाहर कर दिया गया, जिसपर पूर्व सीएम नाराज हुए.
राम मंदिर चंदा चोरी पर सदन में हंगामा
सदन में हुई चर्चा के बारे में जानकारी देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अयोध्या में पैसों की डकैती हुई है. जिसपर बीजेपी के लोग कह रहे है छत्तीशगढ़ से इसका क्या संबंध है, जिसपर यहां चर्चा की जाए. बघेल ने कहा कि भगवान राम को भी इन लोगों नही छोड़ा. बघेल ने कहा कि लोग ये कह रहे हैं कि हमने राम मंदिर में चंदा दिया है या नहीं दिया है. बघेल ने कहा कि हमने श्रीराम जन्म भूमि न्यास को चेक संख्या – 110443 से 12 फरवरी 2021 को 1 लाख 21 हजार चंदा दिया.
अयोध्या में हुई पैसों की डकैती
ये वही लोग हैं जो गांव-गांव और घर-घर घूमकर शिला पूजन के नाम से पैसा जमा किए थे. राम मंदिर के नाम पर सब लोगों ने दान दिया, मैंने भी दान दिया. 10 करोड़ की जमीन को 18 करोड़ में खरीद गया. पीएम के द्वारा प्राण प्रतिष्ठा किया तो अब उसपर चर्चा क्यों नहीं कर रहे हैं. प्रधानमंत्री सिर्फ विदेश में घूम रहे हैं, छोटे-छोटे देशों में जा रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं: भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
पीएम मोदी से भूपेश बघेल ने मांगा जवाब
भूपेश बघेल ने कहा, ”जिस तरीके से अयोध्या में हुआ है वह एक सुनियोजित चोरी है. जिस जमीन की खरीदारी की गई पहले उसके बारे में पैसे की राशि कुछ और बताई गई थी लेकिन अब पैसे की राशि कुछ और बताई जा रही है. इसमें एक बात तो साफ है अयोध्या मैं बड़े पैमाने पर लूट हुई है. जिन लोगों के नाम पर FIR हुआ उनसे पूछताछ नहीं की गई. सीधा ज्यूडिशल कस्टडी में दे दिया गया. अयोध्या के ट्रस्ट को प्रधानमंत्री ने बनाया, उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया ध्वजारोहण प्रधानमंत्री ने किया, इस ट्रस्ट के मेंबर भी प्रधानमंत्री हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री को सामने आकर जवाब देना चाहिए आखिर इस मामले पर वो चुप क्यों हैं.”