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गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी

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गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी

बच्चों का खेल है, जिसमें एक पंक्ति दोहराई जाती है, गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी। दरअसल इस खेल में बच्चे एक दूसरे का हाथ पकड़कर गोल घेरा बना कर ले में गाते हुए घूमते हैं, बीच में दाम देने वाला खिलाड़ी हाथ की बेदी तोड़कर भागने की कोशिश करता है। एक मजेदार खेल है। लेकिन रायपुर के महापौर एजाज धेबर ने गोल गोल रानी पंक्ति का प्रयोग नगर निगम रायपुर में यूनीपोल घोटाले की जानकारी देने में अधिकारियों के घुमाए जाने को लेकर दिया है। वैसे सही भी है, जब से कांग्रेस की सरकार बनी है तब से गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी, का खेल चल रहा है। भाजपा की सरकार की हार के बाद भ्रष्टाचार के दोषियों। को कटघरे में खड़ा करने कई एसआईटी का गठन किया गया। चार साल से ज्यादा का समय बीत गया लेकिन किसी एसआईटी की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। कुल मिलाकर गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी वाला मामला है। राजधानी में पैदल चलने वालों के लिए स्काईवॉक बनाने का काम शुरू हुआ था, कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए इसका विरोध किया, कहा इसकी शहर को जरूरत नहीं है। सरकार बनी तो स्काईवॉक के काम को रुकवा दिया गया। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। एक समिति बना दी गई थी, जो चार साल तक गोल गोल रानी करती रही और आखिर में निर्णय दिया कि स्काईवॉक का निर्माण होना चाहिए। अब जो निर्माण हुआ ढांचा था वह धूप और बरसात में बिना उपयोग के जर्जर हो चुका है। ऊपर से निर्माण की लागत भी बढ़ गई है। इसका मतलब है अब न तो स्काईवॉक बनेगा और न ही टूटेगा। करोड़ों रुपए में गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी का खेल हो गया। यही हाल डी के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल को लेकर हुआ, जांच के लिए समिति बनी लेकिन गोल गोल चलती रही। अभी ईडी के मामले में यही हाल है। यूनीपोल लगाने में गड़बड़ी से निगम को 50 करोड़ की चपत लगी है, महापौर कह रहे कि इसकी उनको जानकारी नहीं थी मतलब अधिकारियों ने नियम बदल कर 50 करोड़ रुपए की बंदरबांट कर लिया। अभी पीएससी का मामला उछला है, पिछले चार बरस से लगातार प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवार आयोग के नियम में गड़बड़ी के चलते न्यायालय की शरण में जाते रहे हैं। अब तो परिणाम में ही गोलमाल है। कुल मिलाकर हर जगह गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी का खेल चल रहा है। ज्यादा गोल गोल घुमाने से चक्कर भी आता है। इस घनचक्कर का असर जनता पर होंगया तो चुनाव वे अपना चक्कर चलाएंगे।