Home छत्तीसगढ़ 2026 में विवाह के 58 मुहूर्त जिसमें 16 अति शुभ, 10 फरवरी से बजेंगी शहनाइयां

2026 में विवाह के 58 मुहूर्त जिसमें 16 अति शुभ, 10 फरवरी से बजेंगी शहनाइयां

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AUSPICIOUS DATES FOR WEDDINGS

रायपुर: हिंदू धर्म और पंचांग के अनुसार खरमास समाप्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी शादियों और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. शादी और शहनाइयों का दौर 10 फरवरी से शुरू होगा.

दरअसल, खरमास खत्म होने के बाद भी कुछ समय तक शुभ योग और विवाह मुहूर्त नहीं बन रहे हैं. जिस वजह से लोग शादी की तारीख तय नहीं कर पा रहे. खरमास के दौरान सूर्य धनु राशि में रहता है. इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद खरमास तो समाप्त हो जाता है, लेकिन इसके बाद भी ग्रहों की स्थिति और तिथियों के कारण विवाह मुहूर्त सीमित रहते हैं.

जानिए क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

ज्योतिष के अनुसार शादी जैसे मांगलिक कार्य तभी किए जाते हैं, जब पंचांग में शुभ तारीख, वार और योग बनते हों. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और इसी के साथ खरमास खत्म माना जाता है. उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा जाता है. इसलिए इस समय को शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग बनी है.

 

जानिए किस महीने में शादी के कितने मुहूर्त हैं

  1. फरवरी के महीने में 9 मुहूर्त
  2. मार्च के महीने में 5 मुहूर्त
  3. अप्रैल के महीने में 5 मुहूर्त
  4. मई के महीने में 5 मुहूर्त
  5. जून में 4 मुहूर्त
  6. जुलाई के महीने में 1 मुहूर्त

58 विवाह मुहूर्त

ज्योतिष एवं वास्तुविद पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी ने कहा, “31 अक्टूबर के बाद विवाह आदि कार्य निषिद्ध हो जाएंगे. बृहस्पति सिंहस्थ की स्थिति में विवाह होंगे या नहीं इस बात पर अभी विद्वत (विद्वानों) परिषद में इस बात की चर्चा नहीं हो पाई है. ऐसे में नवंबर और दिसंबर में भी कुछ पंचांगों में विवाह मुहूर्त दिए हैं. अगर उन मुहूर्तों की भी गणना की जाए तो लगभग 58 विवाह मुहूर्त हैं. अगर विशुद्ध रूप से जुलाई तक की गणना करें, तो लगभग 49 विवाह के मुहूर्त दिखाई पड़ रहे हैं.”

 

मांगलिक कार्यों पर रोक बनी रहेगी

ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह 11 दिसंबर 2025 को अस्त हो गए. शुक्र को प्रेम, विवाह, दांपत्य सुख और वैवाहिक जीवन का कारक ग्रह माना जाता है. जब शुक्र अस्त रहते हैं, तब विवाह जैसे संस्कार शुभ फल नहीं देते. इस कारण सूर्य के उत्तरायण होने के बावजूद मांगलिक कार्यों पर रोक बनी रहेगी. शुक्र ग्रह करीब 53 दिनों तक अस्त रहते हैं, फिर 1 फरवरी 2026 को शुक्र उदय होंगे. धार्मिक मान्यता के अनुसार, किसी भी ग्रह के उदय के तीन दिन बाद उसके शुभ प्रभाव पूरी तरह माने जाते हैं. ऐसे में 4 फरवरी 2026 से विवाह और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाएगी.

2026 में विवाह के लिए शुभ मुहूर्त तारीख अनुसार

  • 5 फरवरी
  • 6 फरवरी
  • 8 फरवरी
  • 10 फरवरी
  • 12 फरवरी
  • 14 फरवरी
  • 19 फरवरी
  • 20 फरवरी
  • 21 फरवरी
  • 24 फरवरी
  • 25 फरवरी
  • 26 फरवरी

मार्च 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

  • 2 मार्च
  • 3 मार्च
  • 4 मार्च
  • 7 मार्च
  • 8 मार्च
  • 9 मार्च
  • 11 मार्च
  • 12 मार्च

अप्रैल 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

  • 15 अप्रैल
  • 20 अप्रैल
  • 21 अप्रैल
  • 25 अप्रैल
  • 26 अप्रैल
  • 27 अप्रैल
  • 28 अप्रैल
  • 29 अप्रैल

मई 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

  • 1 मई
  • 3 मई
  • 5 मई
  • 6 मई
  • 7 मई
  • 8 मई
  • 13 मई
  • 14 मई

जून 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

  • 21 जून
  • 22 जून
  • 23 जून
  • 24 जून
  • 25 जून
  • 26 जून
  • 27 जून
  • 29 जून

जुलाई 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

  • 1 जुलाई
  • 6 जुलाई
  • 7 जुलाई
  • 11 जुलाई
  • 12 जुलाई

अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 के इन तीन महीनों में विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है.

नवंबर 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

  • 21 नवंबर
  • 24 नवंबर
  • 25 नवंबर
  • 26 नवंबर

दिसंबर 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त

  • 2 दिसंबर
  • 3 दिसंबर
  • 4 दिसंबर
  • 5 दिसंबर
  • 6 दिसंबर

जानिए क्या होता है अबूझ मुहूर्त

ज्योतिष में कुछ खास दिनों को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है. इन दिनों की खास बात यह होती है कि इन पर अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती. माना जाता है कि इन तिथियों पर ग्रह-नक्षत्र अपने आप शुभ स्थिति में होते हैं. इसलिए विवाह और अन्य मांगलिक कार्य बिना किसी रुकावट के किए जा सकते हैं. इन्हें सिद्ध मुहूर्त भी कहा जाता है.

2026 के अबूझ विवाह मुहूर्त

बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026
फुलेरा दूज 19 फरवरी 2026
अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026
देवउठनी एकादशी 30 सितंबर 2026 विजयादशमी (दशहरा) 20 अक्टूबर 2026