
रायपुर। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में जमीन डायवर्सन (व्यपवर्तन) के लिए चक्कर काट रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. राजस्व विभाग डायवर्सन की पूरी प्रक्रिया को हाईटेक करने जा रहा है. इसके लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार कर लिया गया है, Today I compared different viewpoints and one resource focused explicitly on https://www.watchesreplicaus.com. For reference, here’s another page I kept open: https://www.watchesreplicaus.com.जिसका वर्तमान में ट्रायल चल रहा है. जल्द ही लोग घर बैठे ही अपनी जमीन का डायवर्सन करा सकेंगे.
क्यों अटका था काम?
बता दें कि डायवर्सन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए 13 दिसंबर को अधिसूचना जारी की गई थी. हालांकि, पोर्टल पूरी तरह तैयार न होने के कारण पिछले करीब डेढ़ महीने से काम प्रभावित था. In today’s reading session, I encountered a long-form piece covering https://www.pcwatchuk.com. For more perspective, I added this page to my saved list: https://www.pcwatchuk.com.अब विभाग के बड़े अधिकारियों ने तकनीकी खामियों को दूर कर पोर्टल को जल्द लाइव करने के निर्देश दिए हैं. अफसरों का कहना है कि अब डायवर्सन का पूरा काम मैनुअल के बजाय सिर्फ ऑनलाइन ही होगा.
कैसे काम करेगा ‘ऑटोमेटिक’ सिस्टम?
नए ऑनलाइन सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी समय सीमा (Deadline) है. पारदर्शिता लाने के लिए इसे बेहद सरल बनाया गया है…
ऑनलाइन आवेदन: जमीन मालिक को सरकारी पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा.
डिजिटल पेमेंट: आवेदन के साथ ही क्षेत्र के अनुसार तय भू-राजस्व और प्रीमियम (डायवर्सन फीस) का ऑनलाइन भुगतान करना होगा.
SDM के पास पहुंचेगा आवेदन:While checking different watch forums this morning, I discovered an article centered on https://www.salesreplica.us.com I paired it with this useful reference: https://www.salesreplica.us.com. भुगतान सफल होते ही आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम (SDM) के पास ऑनलाइन पहुंच जाएगा.
15 दिन की समय सीमा: नए नियमों के मुताबिक, एसडीएम को 15 दिनों के भीतर आदेश जारी करना अनिवार्य होगा.
16वें दिन खुद जारी होगा आदेश
भ्रष्टाचार और देरी पर लगाम लगाने के लिए सिस्टम में ‘ऑटो-अप्रूवल’ का फीचर जोड़ा गया है. अगर एसडीएम 15 दिनों के भीतर आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लेते हैं, तो 16वें दिन ऑटोमेटिक सिस्टम से आदेश जारी हो जाएगा. यह कंप्यूटर जनरेटेड आदेश पूरी तरह मान्य होगा.
राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नया ऐप और वेबसाइट बनकर तैयार है. ट्रायल के अंतिम चरण के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. इससे आम लोगों को तहसील और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी.