Home छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से, 3 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लाएगी सरकार

विधानसभा का मानसून सत्र आज से, 3 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लाएगी सरकार

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विधानसभा का मानसून सत्र आज से, 3 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लाएगी सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। पांचवीं विधानसभा का आखिरी सत्र 18 से 21 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान विपक्ष सत्तापक्ष से सवाल कर उन्हें घेरने का काम करेगा। इस सत्र में राज्य सरकार 3 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लाएगी। सदन के पहले पहले दिन बीजेपी विधायक विद्यारतन भसीन और अविभाजित मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री भानुप्रताप सिंह को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित रहेगी। इसके बाद तीन दिन हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही चलेगी।
सत्र के अंतिम दिन सरकार को विपक्ष के अविश्वास का सामना करना पड़ेगा। इस बार का सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है। क्योंकि महालेखाकार की रिपोर्ट पेश किए जाने पर हंगामा होना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर टीएस सिंहदेव के डिप्टी सीएम और पूर्व पीसीसी चीफ मोहन मरकाम के मंत्री बनाए जाने से सदन में बैठक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगी। टीएस बाबा सीएम भूपेश बघेल के नजदीक ही बैठ सकते हैं। वहीं मरकाम को विधायक वाली बैठक व्यवस्था से अलग हटकर मंत्रियों के बीच दिखेंगे। बता दें कि पूर्व मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के इस्तीफे के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है, लेकिन उनकी बैठक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं बीजेपी विधायक विद्यारतन भसीन के निधन के बाद विपक्ष की बैठक व्यवस्था में भी बदलाव दिखेगा।
550 सवालों का सामना करेगा कैबिनेट
इस सत्र में विधायकों ने 550 सवाल लगाए हैं। इन सवालों का सामना कैबिनेट को करना पड़ेगा। वहीं सरकार की ओर से 2022-23 के लिए महालेखाकार की रिपोर्ट पेश किए जाने की जानकारी है। बात विधेयकों की करें, तो छत्तीसगढ़ मंडी शुल्क संशोधन, निजी विश्वविद्यालय स्थापना, भारतीय स्टाम्प अधिनियम संशोधन विधेयक और विधानसभा सदस्यता संशोधन विधेयक शामिल हैं। इसमें लाभ के दो पद संबंधी एक संशोधन का प्रस्ताव भी है, जिसमें राज्य योजना मंडल की जगह आयोग प्रतिस्थापित किया जाना है।
अविश्वास प्रस्ताव लाएगी बीजेपी
सत्र में विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी जाएगी। इस पर 21 जुलाई को आधी रात तक चर्चा चलने के संकेत हैं। पांचवीं विधानसभा के कार्यकाल में दूसरी बार ये प्रस्ताव लाया जाएगी। हालांकि बीजेपी के 13 विधायकों के होने से इसमें विपक्ष की हार तय मानी जा रही है, फिर भी बीजेपी राज्य सरकार की कमियों और घोटालों के आरोपों को लेकर घेरने का काम करेगी।